जिसके एक कॉल से मुम्बई के अंडरवर्ल्ड में हड़कंप मच जाता था ,जिसके पास हर महीने करोड़ो की रकम बतौर नजराना पहुंचता था वह शख्स नेपाल के एक शहर में गैराज चलाता था। जी हां हम बात कर रहे है गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला का। जिसे बुधवार को पटना से गिरफ्तार किया गया था। एजाज लकड़ावाला नेपाल के पोखरा के पास कपिलवस्तु में मुबारक खान बनकर रह रहा था । वह वहां बाइक रिपेयरिंग का एक गैराज चालाता था। लेकिन उसकी आड़ में उसका मुख्य काम दाऊद के सिंडिकेट को चलाना था । एजाज लकड़ावाला इलाके में मुबारक भाई के नाम से जाना जाता था उसने लोगो को खुद को बिहार का रहनेवाला बताया था। उसके पास कई तरह के लोग आते थे जिन्हें वो पोखरा या कपिलवस्तु में ठिकाना उपलब्ध कराता था। एजाज लकड़ावाला यहां पिछले पांच छह साल से रह रहा था। मुम्बई की क्राइम ब्रांच की पुलिस को एजाज की तलाश पिछले 22 सालों से थी। इसके ऊपर 25 मामलें मुम्बई में दर्ज है। एजाज के खिलाफ LOC लुक आउट नोटिस जारी था इससे पहले एजाज के भाई को फरवरी 2019 और बेटी को मुम्बई पुलिस ने पिछले 29 दिसंबर को मुम्बई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। बेटी के पास से मिले मोबाइल फोन के आधार पर ही एजाज के ठिकाने का पता चला। लेकिन बड़ी परेशानी एजाज को नेपाल से बिहार की सीमा तक लाने की थी। इसलिए मुम्बई क्राइम ब्रांच की टीम ने बिहार पुलिस से मदद मांगी थी। पटना पहुंची क्राइम ब्रांच की टीम ने एडीजी सुशील खोपड़े से मिली और फिर एक प्लानिंग के तहत एजाज को पटना तक लाया गया। इस क्रम एसटीएफ के एक डीएसपी की प्लानिंग काफी काम आई। इससे पहले भी बिहार के कुख्यात अपराधियो को नेपाल से रणनीति के तहत पकड़ा गया था
अंडरवर्ल्ड का डॉन नेपाल में चलाता था गैराज
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